गाजीपुर ।
समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) मैदान, प्रकाशनगर में भव्य सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष सपना सिंह एवं अन्य मंचासीन अतिथियों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया ।
इस अवसर पर जनपद के विभिन्न विकास खंडों से चयनित कुल 108 जोड़ों का विवाह पूरे विधि-विधान और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न कराया गया। समारोह में उपस्थित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने नवविवाहित वर-वधुओं को आशीर्वाद देते हुए उनके सुखद एवं समृद्ध दांपत्य जीवन की कामना की। कार्यक्रम के दौरान नवदंपतियों को विवाह प्रमाण पत्र भी प्रदान किए गए।
मुख्य अतिथि सपना सिंह ने मंच से बटन दबाकर प्रत्येक वधू के खाते में 60 हजार रुपये की धनराशि सीधे हस्तांतरित की। उन्होंने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वचन देते हुए कहा कि सात फेरों के साथ लिया गया साथ निभाने का संकल्प जीवनपर्यंत अटूट रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना एक अत्यंत कल्याणकारी पहल है, जिसके माध्यम से हजारों बेटियों का विवाह गरिमापूर्ण ढंग से संपन्न कराया जा चुका है। यह योजना समाज में व्याप्त दहेज प्रथा जैसी कुरीतियों को समाप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दहेज लेना और देना दोनों ही दंडनीय अपराध हैं ।
नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष सरिता अग्रवाल ने कहा कि बेटियों की शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वावलंबन सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं से जुड़कर परिवार अपनी बेटियों को सशक्त बना सकते हैं। उन्होंने नवदंपतियों से अपील की कि वे भ्रूण परीक्षण जैसी कुप्रथाओं से दूर रहें और पुत्र-पुत्री में भेदभाव न करें ।
जिला विकास अधिकारी सुभाष चंद्र सरोज ने योजना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना के अंतर्गत प्रति जोड़ा एक लाख रुपये की सहायता प्रदान की जाती है। इसमें 60 हजार रुपये वधू के बैंक खाते में, 25 हजार रुपये मूल्य के घरेलू एवं आवश्यक उपहार तथा 15 हजार रुपये विवाह आयोजन के लिए दिए जाते हैं। उपहार सामग्री में वस्त्र, चांदी के आभूषण, घरेलू उपयोग की वस्तुएं, बिस्तर, किचन सामग्री, ट्रॉली बैग, आयरन प्रेस, सीलिंग फैन सहित अन्य आवश्यक सामान शामिल हैं ।
उन्होंने बताया कि यह योजना गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों के लिए संचालित है, जिसमें वर की आयु न्यूनतम 21 वर्ष एवं वधू की आयु 18 वर्ष होना अनिवार्य है ।
जिला समाज कल्याण अधिकारी राम नगीना यादव ने कार्यक्रम की सफलता पर सभी का आभार व्यक्त करते हुए नवविवाहित जोड़ों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं ।
इस भव्य आयोजन में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, गणमान्य नागरिक एवं वर-वधू के परिजन उपस्थित रहे। सामूहिक विवाह समारोह ने सामाजिक समरसता, सादगी और सहयोग की भावना को नई मजबूती प्रदान की ।












