CDO की टिप्पणी से नाराज अधिवक्ताओं का विकास भवन परिसर में विरोध प्रदर्शन………….
गाजीपुर ।
गाजीपुर के विकास भवन सभागार में आयोजित जीएसटी व्यापारी संवाद कार्यक्रम उस समय विवादों में घिर गया, जब जीएसटी कार्यालय की जमीन को लेकर अधिवक्ताओं और मुख्य विकास अधिकारी (CDO) संतोष कुमार वैश्य के बीच तीखी नोकझोंक हो गई ।
सीडीओ की एक टिप्पणी से आक्रोशित अधिवक्ताओं ने बैठक का बहिष्कार करते हुए सभागार से बाहर निकलकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया ।
इस कार्यक्रम की अध्यक्षता स्वयं मुख्य विकास अधिकारी संतोष कुमार वैश्य कर रहे थे। बैठक में जीएसटी विभाग के अधिकारी, व्यापारी संगठनों के प्रतिनिधि, चार्टर्ड अकाउंटेंट तथा अधिवक्ताओं को आमंत्रित किया गया था ।
इस बैठक के दौरान व्यापारियों को जीएसटी से जुड़ी सरकारी योजनाओं, हालिया संशोधनों और सुधारों की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि व्यापारियों की समस्याओं और सुझावों को संकलित कर शासन स्तर तक भेजा जाएगा ।
इस बैठक में ईंट भट्ठों में टैक्स चोरी का मुद्दा सबसे अधिक गर्म रहा। व्यापारियों और अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि जनपद में बड़ी संख्या में ईंट भट्ठे कर चोरी कर रहे हैं और कई बिना पंजीकरण के संचालित हो रहे हैं। इस पर सीडीओ ने भरोसा दिलाया कि मामले की गहन जांच कर निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी, ताकि जीएसटी व्यवस्था में किसी प्रकार का भेदभाव न हो ।

इसी दौरान अधिवक्ता दीपक कुमार उपाध्याय ने जीएसटी कार्यालय के लिए जिला मुख्यालय के पास भूमि उपलब्ध कराए जाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि अन्य विभागों को जिला मुख्यालय के समीप भूमि मिल रही है, जबकि जीएसटी कार्यालय के लिए अब भी दूरस्थ स्थान प्रस्तावित है। इसी विषय पर सीडीओ और अधिवक्ताओं के बीच बहस तेज हो गई ।
इस बहस के दौरान सीडीओ द्वारा यह कहे जाने पर कि “यह बैठक व्यापारियों की है, अधिवक्ताओं की नहीं”, अधिवक्ता भड़क गए। टिप्पणी को अपमानजनक बताते हुए सभी अधिवक्ताओं ने बैठक का बहिष्कार कर दिया और विकास भवन परिसर में नारेबाजी करते हुए विरोध दर्ज कराया ।
इस संबंध में सीडीओ संतोष कुमार वैश्य ने कहा कि अधिवक्ताओं को बैठक में आमंत्रित किया गया था और उनकी बातें सुनी गईं। जीएसटी कार्यालय के लिए प्रस्तावित नई जमीन को लेकर वे असहमत थे, इसी कारण नाराज होकर बैठक छोड़कर चले गए ।
वहीं जॉइंट कमिश्नर, जीएसटी वाराणसी सुरेंद्र बहादुर ने बताया कि 22 सितंबर 2025 से जीएसटी 2.0 लागू किया गया है, जिसके तहत कर की दरें घटाकर 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत कर दी गई हैं, जिससे व्यापारियों के साथ-साथ आम जनता को भी लाभ मिलेगा ।
ईंट भट्ठों को लेकर उन्होंने बताया कि गाजीपुर में लगभग 500 पंजीकृत ईंट भट्ठे हैं, जिनमें से कई द्वारा कर जमा नहीं किया जा रहा है। करीब 15–16 ईंट भट्ठों ने शून्य जीएसटी जमा किया है, जबकि लगभग 120 भट्ठे केवल 50 प्रतिशत तक कर जमा कर रहे हैं। सभी मामलों की जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही अवैध और बिना पंजीकरण चल रहे ईंट भट्ठों पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है ।
जीएसटी व्यापारी संवाद कार्यक्रम जहां कर सुधारों पर चर्चा का मंच था, वहीं विवाद और विरोध के कारण यह कार्यक्रम पूरे दिन चर्चा का विषय बना रहा ।










