गाजीपुर ।
गाजीपुर के राइफल क्लब में आयोजित दिशा समिति की बैठक के बाद समाजवादी पार्टी के सांसद अफजाल अंसारी ने बुधवार को एक साथ कई अहम और संवेदनशील मुद्दों पर बेबाक बयान देकर प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी।
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती प्रकरण, गाय को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग, हलाल उत्पादों का विवाद, मणिकर्णिका घाट मामला और अपनी सुरक्षा को लेकर जताई गई आशंका तक—अफजाल अंसारी ने सरकार और प्रशासन पर तीखे सवाल खड़े किए ।
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से जुड़े प्रकरण पर अफजाल अंसारी ने कहा कि इसमें जो भी अधिकारी दोषी हैं, उन्हें सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य संत हैं और संत समाज का अपमान किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है। अफजाल अंसारी ने याद दिलाया कि पूर्व में जब शंकराचार्य के साथ दुर्व्यवहार हुआ था, तब तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने स्वयं उनसे माफी मांगी थी, जिसे शंकराचार्य ने स्वीकार किया था। उन्होंने यह भी कहा कि शंकराचार्य किसी को श्राप नहीं दे सकते, उनके बारे में इस तरह की बातें फैलाना दुर्भाग्यपूर्ण है।
गाय को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग पर सपा सांसद ने खुला समर्थन जताते हुए कहा कि जब शेर राष्ट्रीय पशु और मोर राष्ट्रीय पक्षी हो सकता है, तो गाय को राष्ट्र माता बनाए जाने पर किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए ।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा ‘हलाल’ लिखे खाद्य पदार्थों पर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए अफजाल अंसारी ने सरकार पर दोहरे रवैये का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि एक ओर हलाल पर सवाल उठाए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ओमान से हलाल प्रोफार्मा लेकर आते हैं। उन्होंने यह दावा भी किया कि आज भारत बीफ निर्यात में ब्राजील को पीछे छोड़ चुका है और खुद को ‘विश्वगुरु’ कह रहा है। अफजाल अंसारी ने कहा कि देश में एक तरफ संविधान की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, तो दूसरी तरफ सनातन धर्म का भी अपमान हो रहा है ।
वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर हुई तोड़फोड़ के मामले में अफजाल अंसारी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वाराणसी के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को गुमराह किया है। उन्हीं अफसरों की वजह से यह कहा गया कि वायरल वीडियो एआई-जनरेटेड हैं, जबकि सच्चाई कुछ और है ।
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के उस बयान पर, जिसमें उन्होंने कहा था कि सपा से मुसलमानों को अलग कर दिया जाए तो पार्टी एक भी सीट नहीं जीत पाएगी, अफजाल अंसारी ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि ऐसे बयान मुद्दाविहीन राजनीति का प्रमाण हैं और पाठक जी को जन सरोकारों व अपने विभाग के कामकाज पर बात करनी चाहिए ।
सबसे अहम और चिंताजनक बयान देते हुए सपा सांसद ने अपनी जान को खतरे की आशंका भी जताई। उन्होंने कहा कि उन्हें लगातार घेरने की कोशिश की जा रही है और कई विश्वसनीय स्रोतों से खतरे की जानकारी मिली है। अफजाल अंसारी ने बताया कि इस संबंध में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को व्यक्तिगत रूप से अवगत करा दिया है ।
अफजाल अंसारी के इन बयानों के बाद एक बार फिर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। अब देखना होगा कि सरकार और प्रशासन इन आरोपों और आशंकाओं पर क्या रुख अपनाता है ।










