गाज़ीपुर ।
विचारक्रांति साहित्य सेवा संस्थान ने किताबों के कवि काव्य पाठ कार्यक्रम का शानदार आयोजन किया है ।
इस दौरान मुख्य अतिथि के रूप में डिप्टी कलेक्टर (से.नि.) संतोष श्रीवास्तव विद्यार्थी, सागर , मध्यप्रदेश व कार्यक्रम अध्यक्ष के रूप में डॉ० अर्चना श्रेया , बैंगलोर , कर्नाटक के विशेष उपस्थिति में यह आयोजन पूर्ण हुआ ।
बता दे की विचारक्रांति साहित्य सेवा संस्थान, सिंगरौली, मध्यप्रदेश (भारत सरकार द्वारा पंजीकृत संस्था) के संस्थापक व राष्ट्रीय अध्यक्ष राजकुमार जायसवाल विचारक्रांति ने मकर संक्रांति के शुभ अवसर पर 14 जनवरी को दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक ” किताबों के कवि ” विषय पर शानदार काव्य गोष्ठी का आयोजन किया था ।
इस काव्य गोष्ठी का शुभारंभ मुंबई , महाराष्ट्र अंजू पाण्डेय के सरस्वती वंदना के साथ हुआ ।
सरस्वती वंदना के पश्चात पटल के संस्थापक राजकुमार जायसवाल विचारक्रांति ने मकर क्रांति की शुभकामनाएं व कार्यक्रम के लिए सभी रचनाकारों को शुभाशीष देते हुए कार्यकम अध्यक्ष डॉ० अर्चना श्रेया के अनुमति से काव्य पाठ का सिलसिला शुरू हुआ।
जिसमें सर्वप्रथम कार्यकम के मुख्य अतिथि संतोष श्रीवास्तव विद्यार्थी,सागर मध्यप्रदेश ने उद्बोधन देते हुए कहा कि मैने बहुत से काव्य पाठ कार्यक्रम में भाग लिया , लेकिन ऐसा कार्यक्रम पहली बार देखा , जिसमें रचनाकार अपने उन कवियों के रचना का पाठ करें , जिन्हें वे अपने पढ़ाई के दौरान पढ़ें हों और वह रचना उन्हें प्रिय लगती हो ।
इसके तत्पश्चात मंच के संस्थापक राजकुमार जायसवाल विचारक्रांति ने कार्यकम की कड़ी को बढ़ाते हुए क्रमशः सुखी सुखदा इंदोलिकर नासिक महाराष्ट्र,अंजू पाण्डेय मुंबई महाराष्ट्र, शिल्पा अनुपम गुप्ता कटनी मध्यप्रदेश ,षेक नसरीन नेल्लूर , प्रो० शरद नारायण खरे मंडला मध्यप्रदेश ,इंजी. राजन सोनी अंबेडकर नगर उत्तर प्रदेश,सुमिता चौधरी जलपाईगुड़ी पश्चिम बंगाल ,डी ० शाहीना अनंतपुरम आंध्रप्रदेश,सोनिया सरीन साहिबा दिल्ली , त्रिपुरारी कुमार पांडेय दिल्ली ,देवांशी पटेल सूरत गुजरात , नीलम पाण्डेय सुल्तानपुर उत्तर प्रदेश आदि रचनाकारों को काव्य पाठ के लिए आमंत्रित किया , जिसमें रचनाकारों ने अपने प्रिय कवियों जैसे मैथिलीशरण गुप्त,रामधारी सिंह दिनकर,हरिवंश राय बच्चन,कबीरदास आदि के कविता का पाठ बहुत ही जोश व ऊर्जा के साथ किया ।
इन सभी रचनाकारों के काव्य पाठ के बाद मंच के संस्थापक राजकुमार जायसवाल विचारक्रांति ने पूर्व प्रधानमंत्री स्व० अटल बिहारी वाजपेयी की कविता ” चाहे जिधर से गुजरिए, मीठी सी हलचल मचा दीजिए ” कविता का पाठ किया।
इसके बाद संचालनकर्ता राजकुमार जायसवाल विचारक्रांति ने मुख्य अतिथि संतोष श्रीवास्तव विद्यार्थी को काव्य पाठ के लिए आमंत्रित किया, जिसमें उन्होंने मकर संक्रांति व महाकुंभ से संबंधित प्रसिद्ध कवि सुमित्रानंदन पंत की कविता का पाठ करते हुए मुख्य आतिथ्य का सम्मान देने के लिए मंच का आभार जताया ।
इस कार्यक्रम के अंत में संचालनकर्ता के आमंत्रण पर कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ० अर्चना श्रेया ने ” यह कदंब का पेड़ अगर माँ होता यमुना तीरे, मैं भी उस पर बैठ कन्हैया बनता धीरे-धीरे ” कविता का पाठ कर सबका मन मोहते हुए शानदार समीक्षा की और कहा कि आज का यह खास पटल का कार्यक्रम भी बहुत ही खास है , शुरू से से ही यह पटल रचनाकारों को नई नई विधा में रचना कर सीखने का अवसर प्रदान करता रहा है।
कार्यकम का अंत , मंच के संस्थापक राजकुमार जायसवाल विचारक्रांति के आभार प्रदर्शन व कार्यकम अध्यक्ष डॉ० अर्चना श्रेया के समापन घोषणा के साथ हुआ ।