गाजीपुर ।
शहर कोतवाली क्षेत्र के रोजा हाईवे पर समाजवादी पार्टी के सांसद अफजाल अंसारी और पुलिस के बीच हुई नोंकझोंक का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जिले की सियासत में उबाल आ गया है ।
इस मामले को लेकर सांसद द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों पर अब गाजीपुर के पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा ने बड़ा और स्पष्ट बयान दिया है ।
एसपी डॉ. ईरज राजा ने बताया कि पुलिस को माफिया मुख्तार अंसारी की फरार पत्नी अफ़्शा अंसारी, जिस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित है, के गाजीपुर में मूवमेंट को लेकर पुख्ता इनपुट प्राप्त हुआ था। इसी सूचना के आधार पर संवैधानिक और वैधानिक नियमों के तहत चेकिंग अभियान चलाया गया। इसी क्रम में सांसद अफजाल अंसारी, विधायक शोएब अंसारी, एमएलसी आशुतोष सिन्हा सहित कई वाहनों के काफिले को रोजा हाईवे पर रोककर जांच की गई ।

इस चेकिंग के दौरान सांसद अफजाल अंसारी द्वारा पुलिस अधिकारियों से तीखी नोंकझोंक का वीडियो वायरल हुआ, जिसमें उन्होंने पुलिस पर मनमाने ढंग से काफिला रोकने, प्रोटोकॉल उल्लंघन और अवमानना जैसे गंभीर आरोप लगाए। वीडियो के सामने आने के बाद यह मामला राजनीतिक बहस का विषय बन गया ।
एसपी डॉ. ईरज राजा ने सांसद के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि जांच के दौरान किसी भी तरह का दुर्व्यवहार नहीं किया गया और पूरी कार्रवाई कानून के दायरे में रहकर की गई। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कानून सबके लिए समान है, चाहे वह आम नागरिक हो या जनप्रतिनिधि, और अपराध एवं अपराधियों के खिलाफ गाजीपुर पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी ।
सांसद द्वारा अपनी जान को खतरा होने की आशंका जताने पर एसपी ने कहा कि इस संबंध में पुलिस को अब तक कोई लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है । यदि ऐसी कोई शिकायत मिलती है तो नियमानुसार जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी ।
वहीं सांसद अफजाल अंसारी ने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर जनप्रतिनिधि के काफिले को रोकना प्रोटोकॉल का उल्लंघन है और उन्हें लगातार घेरने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्होंने पूरे मामले की जानकारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को व्यक्तिगत रूप से दे दी है।
फिलहाल, पुलिस अधीक्षक के बयान और सांसद के आरोप–प्रत्यारोप के बाद यह मामला राजनीतिक गलियारों में चर्चा का केंद्र बना हुआ है और आने वाले दिनों में इस पर राजनीति और तेज होने के आसार नजर आ रहे हैं ।










