गाजीपुर ।
उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर 24 से 26 जनवरी तक आयोजित तीन दिवसीय उत्तर प्रदेश दिवस–2026 कार्यक्रम के तहत ‘‘विकसित उत्तर प्रदेश–विकसित भारत’’ थीम पर आधारित प्रदर्शनी का शुभारम्भ आज ऑडिटोरियम (विकास भवन) में किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि उपाध्यक्ष, अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग जीत सिंह खरवार ने फीता काटकर एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया ।
इस अवसर पर विधान परिषद सदस्य विशाल सिंह ‘चंचल’, जिला पंचायत अध्यक्ष सपना सिंह, जखनियां विधायक बेदी राम, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष सरिता अग्रवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे। यह प्रदर्शनी जनपद में 24 से 26 जनवरी तक आमजन के अवलोकन हेतु आयोजित की जा रही है, जिसमें विभिन्न विभागों द्वारा विकास योजनाओं से संबंधित स्टॉल लगाए गए हैं ।
इस प्रदर्शनी का अवलोकन करने के पश्चात मुख्य अतिथि मंचासीन हुए, जहां लुर्दस कॉन्वेंट बालिका इंटर कॉलेज की छात्राओं द्वारा स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया। इसके उपरांत विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए, जिनमें ‘‘चमकत है गउवां हमार उत्तर प्रदेश में’’ तथा बालिका आत्मरक्षा कार्यक्रम को विशेष सराहना मिली।

कार्यक्रम के दौरान ऑडिटोरियम सभागार में लखनऊ से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर दिए गए संबोधन का लाइव प्रसारण भी दिखाया एवं सुना गया। इस अवसर पर डॉ. सरिका सिंह द्वारा उत्तर प्रदेश एवं गाजीपुर के इतिहास पर आधारित प्रस्तुतीकरण भी किया गया।
मुख्य अतिथि जीत सिंह खरवार ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तर प्रदेश भारत का हृदय प्रदेश है। यह काशी विश्वनाथ, भगवान श्रीकृष्ण, मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम और भगवान बुद्ध की कर्मभूमि है। यहीं से स्वतंत्रता संग्राम की पहली चिंगारी फूटी और लोकतांत्रिक मूल्यों की नींव मजबूत हुई। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सांस्कृतिक, भौगोलिक, सामाजिक और आर्थिक विविधताओं से परिपूर्ण राज्य है और आज यह चौमुखी विकास की ओर अग्रसर है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 1950 से पूर्व यह राज्य संयुक्त प्रांत के नाम से जाना जाता था। आज ‘‘विकसित उत्तर प्रदेश’’ के संकल्प के साथ यह राज्य आधुनिक भारत की एक मजबूत शक्ति बनकर उभर रहा है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सड़क, हाईवे, बिजली, जल, आवास और आधारभूत ढांचे का तेजी से विकास हो रहा है।
जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने अपने संबोधन में बताया कि 24 जनवरी 1950 को उत्तर प्रदेश का वर्तमान स्वरूप अस्तित्व में आया था, तभी से इस दिन को उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने ‘‘विकसित उत्तर प्रदेश–विकसित भारत’’ थीम के तहत जनपद में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं की उपलब्धियों का संक्षेप में विवरण प्रस्तुत किया ।
उन्होंने बताया कि सोलर स्ट्रीट लाइट, पीएम सूर्यघर योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, आवास योजनाएं, मनरेगा, एम्बुलेंस सेवा, मोबाइल मेडिकल यूनिट, पेंशन योजनाएं, हर घर जल योजना, शौचालय निर्माण, वृक्षारोपण, ऑपरेशन कायाकल्प, पशुधन संरक्षण, मोबाइल वेटनरी यूनिट, कन्या सुमंगला योजना, स्वरोजगार एवं युवा उद्यमी योजनाओं सहित अनेक क्षेत्रों में जनपद ने उल्लेखनीय प्रगति की है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान एवं ओडीओपी से जुड़े लाभार्थियों को प्रमाण पत्र एवं टूल किट वितरित की गई। साथ ही उत्कृष्ट खिलाड़ियों, किसानों, शिक्षकों, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं, मिशन शक्ति के अंतर्गत महिला पुलिसकर्मियों, पंचायत सहायकों एवं सफाईकर्मियों को सम्मानित किया गया ।
इस अवसर पर जिला कार्यक्रम विभाग द्वारा गोद भराई रस्म का आयोजन किया गया तथा राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर हस्ताक्षर अभियान का शुभारम्भ भी किया गया।










