गाजीपुर ।
कोतवाली पुलिस ने फर्जी दरोगा बनकर आम लोगों पर धौंस जमाने वाले एक युवक को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। यह कार्रवाई मुखबिर (मुग्ध खास) की सूचना पर की गई, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कदम उठाते हुए आरोपी को धर दबोचा ।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दरोगा शिवाकांत मिश्रा को मुखबिर खास से सूचना मिली थी कि लंका बस स्टैंड क्षेत्र में चंपारण यूपी-61 चिकन-मटन की दुकान के सामने एक व्यक्ति दरोगा की वर्दी पहनकर संदिग्ध रूप से खड़ा है ।
इस सूचना के मिलते ही दरोगा शिवाकांत मिश्रा मौके पर पहुंचे और संदिग्ध व्यक्ति से नाम, पता, पी.एन.ओ. नंबर और तैनाती के बारे में पूछताछ की ।
पूछताछ के दौरान आरोपी घबरा गया और कोई भी जानकारी सही-सही नहीं बता सका । जब उससे परिचय पत्र दिखाने को कहा गया तो वह टालमटोल करने लगा । इसके बाद पुलिस द्वारा सख्ती से पूछताछ करने पर आरोपी ने सच उगल दिया ।
आरोपी ने स्वीकार किया कि उसे बचपन से पुलिस की वर्दी पहनने का शौक था , लेकिन उसका यह सपना पूरा नहीं हो सका । इसी शौक और ख्वाब के चलते वह दरोगा की वर्दी पहनकर रील बनाता है , बसों और होटलों में आता-जाता था और मुफ्त में रहता – भोजन करता था साथ ही आम लोगों पर अपनी वर्दी का रौब जमाता था ।
कोतवाली पुलिस ने आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर लिया और उसके विरुद्ध विधिक कार्यवाही शुरू कर दी है । इस बाबत पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वर्दी का गलत इस्तेमाल न केवल कानूनन अपराध है , बल्कि इससे आम जनता की सुरक्षा और विश्वास पर भी असर पड़ता है ।
पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में फर्जी वर्दी पहन कर रील बनाने वाले एवं फर्जी वर्दीधारियों के खिलाफ सख्त चेतावनी संदेश दिया है ।










