गाजीपुर ।
खबर कोतवाली थाना क्षेत्र के नवापुरा कचहरी रोड स्थित कामधेनु स्वीट हाउस के समीप की है जहाँ गुरुवार देर रात उस समय अफरातफरी मच गई , जब दो पक्षों के बीच पुराने विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और दोनों ओर से फायरिंग की घटना सामने आई है ।
सूत्रों के मुताबिक गनीमत यह रही कि इस घटना में कोई भी हताहत नहीं हुआ परन्तु व्यापार मण्डल के महामंत्री पर सोची समझी रणनीति के तहत जानलेवा हमला किया गया था ।
जानकारी के अनुसार बीते दिनांक 29 जनवरी 2026 की रात करीब 10:30 बजे नवापुरा मोहल्ले में दीवार से सटाकर गोबर फेंकने को लेकर चल रहे एक पुराने विवाद ने अचानक उग्र रूप धारण कर लिया । पुलिस के अनुसार प्रथम पक्ष के सुनील कुमार सिंह पुत्र स्वर्गीय हरिद्वार सिंह और दूसरे पक्ष की पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष बिना यादव के परिवार के अनुराग यादव उर्फ नीरज पुत्र स्वर्गीय लालचंद यादव के बीच यह विवाद काफी समय से चला आ रहा था , जिसे पूर्व में पुलिस द्वारा सुलझाया भी गया था लेकिन उस घटना की खुन्नस दोनों पझो के बीच कहीं न् कहीं टिस मार रही थी ।
बताया जाता है कि गुरुवार रात करीब 10:15 बजे सुनील कुमार सिंह ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल लहराते हुए गाली-गलौज शुरू कर दी । इसी दौरान विवाद बढ़ने पर सुनील कुमार सिंह द्वारा कथित तौर पर दूसरे पक्ष के युवकों की ओर जान से मारने की नीयत से फायरिंग की गई । हालांकि सभी युवक बाल-बाल बच गए और पीछे के रास्ते से एक घर में शरण लेकर अपनी जान बचाई ।
जबकि सूत्रों की माने तो यह एक सोची – समझी रणनीति के तहत इस वारदात को अंजाम दिया गया है , जिसके अंतर्गत व्यापार मंडल महामंत्री सुनील कुशवाहा की बीते कई दिनों से रेकी की गई थी इस घटना को अंजाम देने के लिए सैदपुर व अन्य कई स्थानों से कुछ लोग अक्सर आते थे मगर उनकी सुनील से मुलाकात नही हो पाती थी जिस कारण वह लोग अपने मंसूबो में कामयाब नहीं हो पा रहे थे परंतु बीते 29 जनवरी को जब सुनील कुशवाहा देर रात रेलवे स्टेशन से वृंदावन सोसायटी के लोगों के साथ जरूरतमंदों को भोजन कराने के उपरांत अपने घर जा रहे थे , तब सोची समझी साजिश के तहत पहले उन पर हमला कर उन्हें उकसाया गया, फिर जब सुनील सिंह ने अपनी लाइसेंसी पिस्तौल निकाली तो सभी भाग गए और फिर इसके बाद दूसरे पक्ष के लोग पीछे से लाठी-डंडों के साथ मौके पर पहुंचे और जानलेवा हमला कर दिया फिर दोनों पक्षों के बीच मारपीट हुई । आरोप है कि इसी दौरान सुनील कुमार सिंह से उसकी लाइसेंसी पिस्टल छीनकर उस पर भी फायर किया गया था , जिसमें वह सुरक्षित बच निकले और मौके से उन्होंने 112 नंबर पर कॉल भी किया था । इस घटना के बाद पिस्टल को हमलावर लेकर भाग गए थे , फिर पुलिस प्रशासन की प्रक्रिया में अपने आप को चारों तरफ से घिरता देख दबाव के बाद दूसरे पक्ष ने थाने में पिस्टल लाकर जमा कर दी थी ।
बता दे कि इस घटना की सूचना मिलने पर प्रभारी निरीक्षक कोतवाली के निर्देश पर चौकी प्रभारी गोराबाजार उप निरीक्षक शिवाकांत मिश्रा ने मौके पर पहुंचकर जांच की । आसपास के लोगों से पूछताछ और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने इस मामले की पुष्टि की है ।
पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों द्वारा एक-दूसरे को जान से मारने की नीयत से फायरिंग की गई है । इस मामले में संबंधित धाराओं 115(2), 352 व 109(1) के तहत विधिक कार्रवाई आवश्यक पाई गई ।
पुलिस ने उद्योग व्यापार मंडल के जिला महामंत्री सुनील कुमार सिंह कुशवाहा तथा आलोक यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है , जबकि अनुराग यादव, अतिज्ञ यादव और देवम सिंह की तलाश की जा रही है ।
इस बाबत पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है और क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है ।










