गाजीपुर ।
जिलाधिकारी अविनाश कुमार की अध्यक्षता में शुक्रवार को जिला स्वास्थ्य समिति शासी निकाय की बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गई ।
इसी क्रम में राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के तहत 9 मार्च से 23 मार्च तक (ईद की छुट्टी को छोड़कर) जनपद में कुष्ठ रोगी खोजी अभियान संचालित किए जाने पर विस्तृत चर्चा की गई।
इस बैठक में निर्देश दिया गया कि अभियान के सफल क्रियान्वयन हेतु माइक्रो प्लान तैयार कर घर-घर सर्वे के माध्यम से संभावित कुष्ठ रोगियों की पहचान सुनिश्चित की जाए। अधिकारियों को अभियान को गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ संचालित करने के निर्देश दिए गए ।
इस बाबत मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील कुमार पांडे ने बताया कि यह अभियान भारत सरकार की एक प्रमुख पहल है, जिसका उद्देश्य कुष्ठ रोग के सक्रिय मामलों का शीघ्र पता लगाना, समय पर बहु औषधि चिकित्सा (MDT) शुरू करना तथा संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ना है। उन्होंने बताया कि आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से पल्स पोलियो अभियान की तर्ज पर घर-घर जाकर संदिग्ध मरीजों की जांच की जाएगी। इस पहल का लक्ष्य वर्ष 2027 तक कुष्ठ मुक्त भारत बनाना है ।
अभियान के तहत आशा कार्यकर्ता एवं ग्रामीण/शहरी स्वयंसेवक घर-घर जाकर संदिग्ध लक्षणों की पहचान करेंगे। संक्रमित पाए जाने पर मरीजों को तत्काल और निःशुल्क बहु औषधि चिकित्सा उपलब्ध कराई जाएगी। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य विकलांगता की रोकथाम, समय पर उपचार तथा समाज में फैले कलंक एवं भ्रांतियों को दूर करना है।
बच्चों की स्क्रीनिंग को राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के साथ तथा 30 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगों की जांच को आयुष्मान भारत के अंतर्गत व्यापक प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ा गया है। इसके माध्यम से अधिक से अधिक लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
विकलांगता निवारण एवं चिकित्सा पुनर्वास कार्यक्रम (DPMR) के अंतर्गत मरीजों को स्व-देखभाल किट, सहायक उपकरण एवं पुनर्निर्माण शल्य चिकित्सा (RCS) की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। पुनर्निर्माण शल्य चिकित्सा कराने वाले मरीजों को ₹12,000 की आर्थिक सहायता भी प्रदान की जाती है ।
इस बैठक में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (एनएचएम) डॉ. मनोज कुमार सिंह, डॉ. जय नाथ सिंह, जिला कुष्ठ अधिकारी डॉ. रामकुमार सहित जनपद के समस्त अधीक्षक, प्रभारी चिकित्साधिकारी, बीपीएम, बीसीपीएम एवं स्वास्थ्य विभाग के अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने अभियान को सफल बनाने हेतु समन्वित प्रयास करने का संकल्प लिया ।












