पीएचडी प्रवेश में देरी पर छात्रों का आक्रोश, डीएम प्रतिनिधि को सौंपा ज्ञापन….।
2023 और 2025 के सत्र शून्य होने का लगाया आरोप, 2026-27 की प्रवेश प्रक्रिया तत्काल शुरू करने की मांग....।

गाजीपुर ।
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर में पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया में कथित देरी और सत्रों के पिछड़ने को लेकर छात्रों में नाराजगी है।
मंगलवार को छात्र प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय के कुलपति के नाम संबोधित मांग पत्र जिलाधिकारी गाजीपुर के प्रतिनिधि एवं सदर तहसीलदार राजीव यादव को सौंपा। छात्रों ने मांग की कि उनकी समस्याओं से विश्वविद्यालय प्रशासन को तत्काल अवगत कराते हुए पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया शुरू कराई जाए।
ज्ञापन स्वीकार करते हुए सदर तहसीलदार राजीव यादव ने छात्रों को आश्वस्त किया कि उनका मांग पत्र सक्षम प्राधिकारी और कुलपति को भेजा जाएगा। छात्रों ने कहा कि गाजीपुर सहित आसपास के क्षेत्रों के हजारों शोधार्थी पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं।
पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष दीपक उपाध्याय ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय में पिछले चार वर्षों के दौरान केवल दो बार पीएचडी प्रवेश परीक्षा (PUCRET) कराई गई। इसके कारण 2023 और 2025 के सत्र शून्य होने का दावा करते हुए उन्होंने कहा कि इससे शोध के इच्छुक अभ्यर्थियों का शैक्षणिक भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने मांग की कि सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश परीक्षा का नोटिफिकेशन बिना देरी जारी किया जाए।
छात्र नेता प्रद्युम्न सिंह यादव ‘राजन’ ने कहा कि सरकार की ओर से शैक्षणिक सत्रों को नियमित करने पर जोर दिया जा रहा है, लेकिन विश्वविद्यालय में प्रवेश प्रक्रिया समय से पूरी नहीं हो रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एक माह के भीतर विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट अकादमिक कैलेंडर जारी कर प्रवेश प्रक्रिया शुरू नहीं की तो छात्र लोकतांत्रिक तरीके से धरना-प्रदर्शन और आंदोलन करेंगे।
छात्र किशन विश्वकर्मा ने कहा कि वर्ष 2022 से 2026 के बीच केवल दो बार प्रवेश परीक्षा आयोजित होने से व्यवस्था पर सवाल उठते हैं। उन्होंने फॉर्म भरने, परीक्षा, साक्षात्कार, डीआरसी/आरडीसी और शोध निदेशक (गाइड) आवंटन तक की समयसीमा निर्धारित करने की मांग की।
छात्र आकाश चौधरी ने कहा कि यह अभ्यर्थियों के अधिकार और भविष्य से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने बताया कि ज्ञापन की प्रतिलिपि राज्यपाल एवं कुलाधिपति, उच्च शिक्षा मंत्री, यूजीसी सचिव और विश्वविद्यालय के कुलसचिव को भी भेजी गई है। उन्होंने कहा कि मांगों पर कार्रवाई नहीं होने पर चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा।
छात्रों की प्रमुख मांगें —
- सत्र 2026-27 के लिए पीएचडी प्रवेश परीक्षा (PUCRET) की विज्ञप्ति तत्काल जारी की जाए।
- आवेदन, परीक्षा, साक्षात्कार और गाइड आवंटन के लिए निश्चित अकादमिक कैलेंडर घोषित किया जाए।
- वर्ष में दो बार पीएचडी प्रवेश परीक्षा कराने की व्यवस्था को प्रभावी रूप से लागू किया जाए।
ज्ञापन सौंपने वालों में पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष दीपक उपाध्याय, प्रद्युम्न सिंह यादव ‘राजन’, आकाश चौधरी, किशन विश्वकर्मा, संजीद कुमार, अभिषेक गुप्ता सहित अन्य छात्र मौजूद रहे।












