सावन के तीसरे सोमवार पर गंगा स्नान के दौरान दो युवकों की डूबने से मौत, एक को बचाया गया…।
गौसपुर के गायत्री घाट पर हादसा, तेज धारा में समा गए अरुण पांडेय और गुलशन कुशवाहा; डीएम ने ग्रामीण घाटों पर फ्लोटिंग बैरियर व चेतावनी बोर्ड लगाने के दिए निर्देश…।

गाजीपुर।
सावन के तीसरे सोमवार को जहां श्रद्धालु गंगा स्नान कर भगवान भोलेनाथ का दर्शन-पूजन कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना कर रहे थे, वहीं मोहम्मदाबाद तहसील क्षेत्र के गौसपुर स्थित गायत्री घाट पर गंगा स्नान के दौरान हुए हादसे में दो युवकों की डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद मोहम्मदाबाद नगर पालिका क्षेत्र के शैव टोला मोहल्ले में मातम पसर गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार की सुबह करीब सात बजे अरुण पांडेय और गुलशन कुशवाहा अपने एक अन्य दोस्त के साथ गायत्री घाट पर गंगा स्नान करने पहुंचे थे। स्नान के दौरान तीनों युवक अचानक गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। युवकों को डूबता देख घाट पर मौजूद स्थानीय लोगों ने तत्काल बचाव कार्य शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद एक युवक को सकुशल बाहर निकाल लिया गया, जबकि अरुण पांडेय और गुलशन कुशवाहा तेज धारा और गहरे पानी में समा गए।
इस हादसे की सूचना मिलते ही मोहम्मदाबाद पुलिस गोताखोरों के साथ मौके पर पहुंची और दोनों युवकों की तलाश शुरू कराई। काफी प्रयास के बाद गोताखोरों ने दोनों के शवों को गंगा से बाहर निकाला। घटना की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया और क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
ग्रामीण घाटों पर भी लगाए जाएंगे सुरक्षा बैरियर —
गंगा में लगातार हो रही डूबने की घटनाओं को लेकर जिला प्रशासन ने भी गंभीरता दिखाई है। जिलाधिकारी ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई और उन्हें नियमानुसार सरकारी योजनाओं से मिलने वाले लाभ उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया ।
जिलाधिकारी ने बताया कि नगर पालिका क्षेत्र के पांच प्रमुख गंगा घाटों पर जिस तर्ज पर फ्लोटिंग बैरियर लगाए गए हैं, उसी तर्ज पर ग्रामीण क्षेत्रों के उन गंगा घाटों पर भी सुरक्षा बैरियर लगाए जाएंगे, जहां श्रद्धालुओं और आम लोगों का अधिक आवागमन होता है अथवा जहां नियमित रूप से गंगा स्नान किया जाता है।
इसके साथ ही सभी प्रमुख गंगा घाटों पर चेतावनी बोर्ड लगाए जाने के निर्देश दिए गए हैं। इन बोर्डों पर गंगा के गहरे पानी वाले स्थानों के संकेतक तथा स्नान के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों से संबंधित आवश्यक निर्देश अंकित किए जाएंगे।
जिलाधिकारी ने कहा कि गाजीपुर में गंगा की जलधारा करीब 95 किलोमीटर की लंबाई में प्रवाहित होती है। इस पूरे क्षेत्र में स्थित कच्चे और पक्के घाटों को चिह्नित कर लोगों की सुरक्षा के लिए आवश्यक इंतजाम किए जाएंगे, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके।
