पुलिस-राजस्व टीम पर हमला करने वालों पर होगी कठोर कार्रवाई — अनुपम शुक्ला (जिलाधिकारी)
भूमि विवाद के निस्तारण के दौरान 20-30 लोगों ने लाठी-डंडों व ईंट-पत्थरों से किया हमला, उपनिरीक्षक समेत कई पुलिसकर्मी घायल....।

गाजीपुर ।
भूमि विवाद के निस्तारण के दौरान पुलिस एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम पर हुए हमले को जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने घायल उपनिरीक्षक से अस्पताल में मुलाकात कर उनका हाल जाना और अधिकारियों को हमले में शामिल आरोपियों के खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई के निर्देश दिए।
मामला थाना नोनहरा क्षेत्र के ग्राम चक कमरौरा का है। जानकारी के अनुसार, जनता दर्शन के दौरान 6 अगस्त को प्रमिला देवी ने अपनी भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत की थी। शिकायत के आधार पर राजस्व टीम ने मौके पर पहुंचकर भूमि की पैमाइश कर कब्जा दिलाने की कार्रवाई की थी तथा सीमा चिन्ह स्थापित किए गए थे। आरोप है कि बाद में विपक्षी पक्ष ने सीमा चिन्ह उखाड़ दिए।
प्रकरण दोबारा संज्ञान में आने पर 7 अक्टूबर को राजस्व टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और शिकायतकर्ता को उसकी भूमि पर कब्जा दिलाने की कार्रवाई शुरू की। इसी दौरान विपक्षी पक्ष के लोगों ने सरकारी कार्य में बाधा डालते हुए विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते करीब 20-30 लोगों ने लाठी-डंडों, ईंट-पत्थरों और अन्य वस्तुओं से पुलिस एवं राजस्व टीम पर हमला कर दिया। हमले में एक उपनिरीक्षक समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। सभी घायलों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया।
घटना के बाद हमले में शामिल कुछ लोग चार पहिया वाहन से मगई नदी की ओर भागने लगे। उन्होंने नदी किनारे वाहन छोड़कर फरार होने का प्रयास किया। पुलिस ने एक व्यक्ति को मौके से पकड़ लिया, जबकि एक अन्य व्यक्ति के फरार होने की जानकारी सामने आई है। उसके परिजनों ने उसके मगई नदी में डूबने की आशंका जताई है। इसके बाद स्थानीय गोताखोरों और एसडीआरएफ की टीम द्वारा उसकी तलाश की जा रही है।
डीएम अनुपम शुक्ला ने कहा कि सरकारी टीम पर हमला करना गंभीर अपराध है। आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि आवश्यकता के अनुसार गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई और जिला बदर की प्रक्रिया भी की जाएगी। परिस्थितियों के आधार पर गैंगस्टर एक्ट तथा राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई पर भी विचार किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि भूमि अथवा किसी अन्य विवाद का समाधान कानून हाथ में लेकर नहीं, बल्कि विधिक एवं लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से किया जाना चाहिए। पुलिस, राजस्व अथवा प्रशासनिक अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ मारपीट, धमकी या सरकारी कार्य में बाधा किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।
घटना के बाद क्षेत्र में पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी मामले की निगरानी कर रहे हैं और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई जारी है। अधिकारियों के अनुसार क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति नियंत्रण में है।















