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हरिशंकरी रामलीला में राम विवाह से लेकर मंथरा-कैकेयी संवाद तक का मंचन…।

श्रीराम के राजतिलक की तैयारियों के बीच कोप भवन पहुंचीं कैकेयी, भावुक प्रसंगों ने दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध...।

 

गाजीपुर ।

अति प्राचीन श्रीरामलीला कमेटी हरिशंकरी के तत्वावधान में शुक्रवार की शाम हरिशंकरी स्थित श्रीराम चबूतरा पर रामलीला के दौरान श्रीराम विवाह, राजतिलक की तैयारी, मंथरा-कैकेयी संवाद और कोप भवन प्रसंग का भावपूर्ण मंचन किया गया। पं. राजा भैया आदर्श श्रीरामलीला मंडल के कलाकारों ने सजीव अभिनय के माध्यम से रामकथा के महत्वपूर्ण प्रसंगों को प्रस्तुत कर दर्शकों को भावविभोर कर दिया। लीला मंचन से पूर्व कमेटी के मंत्री ओमप्रकाश तिवारी सहित अन्य पदाधिकारियों ने विधिवत पूजन-अर्चन और आरती की।

रामलीला के प्रसंग में दिखाया गया कि महाराज जनक ने कुलगुरु सदानंद जी और महामुनि विश्वामित्र की आज्ञा लेकर दूतों के माध्यम से अयोध्या नरेश महाराज दशरथ के पास श्रीराम विवाह का निमंत्रण भेजा। निमंत्रण स्वीकार कर महाराज दशरथ बारात लेकर जनकपुर पहुंचे, जहां वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान श्रीराम और माता सीता का विवाह संपन्न हुआ। विवाह के बाद महाराज दशरथ बारात सहित अयोध्या लौट आए।

समय बीतने के साथ महाराज दशरथ वृद्धावस्था की ओर बढ़ने लगे। उन्होंने ज्येष्ठ पुत्र श्रीराम को अयोध्या का राजपाट सौंपकर शेष जीवन प्रभु के भजन में बिताने का विचार किया। इस संबंध में उन्होंने महर्षि वशिष्ठ से चर्चा की। गुरु वशिष्ठ की सहमति मिलने के बाद श्रीराम के राजतिलक की तैयारियां शुरू हो गईं। पूरी अयोध्या नगरी को ध्वज-पताकाओं से सजाया जाने लगा और चारों ओर उत्सव का माहौल छा गया।

इसी दौरान दासी मंथरा ने नगर की भव्य सजावट देखी। राजतिलक की तैयारियों की जानकारी मिलते ही वह महारानी कैकेयी के पास पहुंची और उन्हें बताया कि महाराज दशरथ श्रीराम को राजगद्दी सौंपने जा रहे हैं। उसने भरत और शत्रुघ्न के ननिहाल में होने का भी उल्लेख किया।

मंथरा ने कैकेयी को अपने राजसी वस्त्र और आभूषण त्यागकर साधारण कपड़े पहनने तथा कोप भवन में जाने के लिए उकसाया। उसकी बातों में आकर महारानी कैकेयी कोप भवन में जाकर लेट गईं। इस प्रसंग के मंचन के साथ रामलीला की कथा उस निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई, जहां से भगवान श्रीराम के वनवास की भूमिका तैयार होती है।

इस अवसर पर कमेटी के अध्यक्ष विनय कुमार सिंह, उपाध्यक्ष गोपाल जी पांडेय, कृष्ण मुरारी केडिया, मंत्री ओमप्रकाश तिवारी, संयुक्त मंत्री लक्ष्मी नारायण, उपमंत्री लव कुमार त्रिवेदी, प्रबंधक मनोज कुमार तिवारी, सहप्रबंधक मयंक तिवारी, कोषाध्यक्ष बाबू रोहित अग्रवाल, अशोक कुमार अग्रवाल, अजय पाठक, राजकुमार शर्मा, कृष्ण त्रिवेदी, बाल गोविंद त्रिवेदी और राम सिंह यादव सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

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