एमएलसी चुनाव में डॉ. जितेंद्र पटेल ने भरी हुंकार, बोले— संगठन बचाना है तो मुझे जिताइए…।
राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों के बहिष्कार की अपील, पुरानी पेंशन और सेवा सुरक्षा को बताया शिक्षकों का अहम मुद्दा...।

गाजीपुर ।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ पाण्डेय गुट के प्रदेश अध्यक्ष एवं एमएलसी प्रत्याशी डॉ. जितेंद्र कुमार सिंह पटेल ने शिक्षक संगठनों के अस्तित्व, सम्मान और सेवा सुरक्षा को लेकर आवाज बुलंद की। गाजीपुर में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने शिक्षकों से संगठन के प्रत्याशी को समर्थन देने तथा राजनीतिक दलों से जुड़े प्रत्याशियों से दूरी बनाने की अपील की ।
डॉ. पटेल ने कहा कि शिक्षक संगठन बचेगा, तभी शिक्षकों का सम्मान और अधिकार सुरक्षित रहेंगे। उन्होंने शिक्षकों से अपील करते हुए कहा, “संगठन बचाना है तो मुझे भारी मतों से जिताइए और सभी राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों का बहिष्कार कीजिए।”
प्रेसवार्ता में उन्होंने कहा कि शिक्षकों को बेहतर वेतनमान, सेवा सुरक्षा और पेंशन जैसी सुविधाएं दिलाने में शिक्षक संगठनों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। वर्ष 1956 में गठित शिक्षक संगठन के ऐतिहासिक संघर्षों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षकों के अधिकारों की रक्षा के लिए संगठन ने लंबे समय तक आंदोलन किए हैं।
राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों पर निशाना साधते हुए डॉ. पटेल ने कहा कि राजनीतिक दलों से जुड़े प्रतिनिधियों पर पार्टी की विचारधारा और नीतियों का प्रभाव हो सकता है, जबकि शिक्षक संगठन का प्रतिनिधि सीधे शिक्षकों की समस्याओं और मांगों को उठाने का काम करता है। उन्होंने दावा किया कि राजनीतिक हस्तक्षेप बढ़ने से शिक्षक संगठनों का अस्तित्व कमजोर हो रहा है।
पेंशन के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद शिक्षकों के सम्मानजनक जीवन के लिए पेंशन बेहद जरूरी है। पुरानी पेंशन और सेवा सुरक्षा को शिक्षक समुदाय के भविष्य से जोड़ते हुए उन्होंने कहा कि इन अधिकारों की रक्षा के लिए शिक्षकों को एकजुट होकर संघर्ष करना होगा।
डॉ. पटेल ने माध्यमिक विद्यालयों, पीजी कॉलेजों, मदरसों और संस्कृत विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाओं से जाति और राजनीतिक विचारधारा से ऊपर उठकर अपने हितों के लिए एकजुट होने की अपील की। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को अपने संगठन की मजबूती और अधिकारों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर निर्णय लेना चाहिए।
प्रेसवार्ता के अंत में उन्होंने एक बार फिर शिक्षकों से समर्थन मांगते हुए कहा कि संगठन के अस्तित्व, सम्मान और सेवा सुरक्षा की रक्षा के लिए एकजुटता जरूरी है। अब एमएलसी चुनाव में उनकी इस अपील पर शिक्षक मतदाताओं की क्या प्रतिक्रिया रहती है, यह चुनाव परिणाम के बाद स्पष्ट होगा।















