वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संगीता बलवंत ने किया प्रभु श्रीराम का राज्याभिषेक, 19 दिवसीय रामलीला का समापन…।
दुर्गा पूजा उत्सव-2026 में पांच पूजा समितियां विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित, रामलीला कलाकारों और सहयोगियों को भी मिला सम्मान...।

गाजीपुर ।
अति प्राचीन श्रीरामलीला कमेटी हरिशंकरी के तत्वावधान में आयोजित 19 दिवसीय पारंपरिक रामलीला का समापन शनिवार, 24 अक्टूबर की देर शाम प्रभु श्रीराम के भव्य राज्याभिषेक के साथ हुआ। वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच राज्यसभा सांसद डॉ. संगीता बलवंत तथा विशिष्ट अतिथि कृष्ण बिहारी राय ने प्रभु श्रीराम का तिलक कर राज्याभिषेक किया। इसके बाद आरती-पूजन कर सुख, समृद्धि और लोककल्याण की कामना की गई। कमेटी के पदाधिकारियों ने अतिथियों का स्वागत-अभिनंदन करते हुए उन्हें स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।
राज्याभिषेक समारोह में विजय कुमार राय मुन्ना, अरविंद सिंह सहित भाजपा के अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। कमेटी की ओर से अध्यक्ष विनय कुमार सिंह, उपाध्यक्ष डॉ. गोपाल जी पांडेय एवं कृष्ण मुरारी केडिया, मंत्री ओमप्रकाश तिवारी, संयुक्त मंत्री लक्ष्मी नारायण, उपमंत्री लव कुमार त्रिवेदी, मेला प्रबंधक मनोज कुमार तिवारी, मेला उपप्रबंधक मयंक तिवारी, कोषाध्यक्ष बाबू रोहित अग्रवाल, अशोक कुमार अग्रवाल, अजय कुमार पाठक, जिला शासकीय अधिवक्ता तथा कमलेश सिंह लाला सहित अन्य पदाधिकारियों ने प्रभु श्रीराम की आरती की।
रामलीला कलाकारों और सहयोगियों का सम्मान —
समारोह के दौरान रामलीला में रावण का पुतला तैयार करने वाले कारीगरों, कलाकारों, सफाईकर्मियों और होमगार्ड के जवानों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। आयोजन को सफल बनाने में योगदान देने वाले लोगों के प्रति कमेटी ने आभार व्यक्त किया।
इसके बाद दुर्गा पूजा उत्सव-2026 के तहत गाजीपुर की विभिन्न दुर्गा पूजा समितियों को उनकी उत्कृष्ट सजावट, आकर्षक प्रतिमा और विशिष्ट पंडाल निर्माण के लिए पुरस्कृत किया गया। इसमें नखास की श्री माता शोक विनाशिनी समिति (नवयुवा दुर्गा समिति) को सुंदर मूर्ति, टेढ़वा की देवा मां दुर्गा समिति को विशाल दुर्गा प्रतिमा एवं पंडाल, मिश्र बाजार की श्री श्री दुर्गा पूजा उत्सव समिति को बिजली की सजावट, जमलापुर की नवयुवा दुर्गा समिति को एनीमेटेड पंडाल तथा गाजीपुर रेलवे स्टेशन की श्री दुर्गा पूजा समिति, नव युवक मंगल दल को आकर्षक गेट और बिजली की सजावट के लिए सम्मानित किया गया।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां —
राज्याभिषेक के उपरांत वाराणसी से आए कलाकारों ने भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। देर शाम तक चले कार्यक्रम में श्रद्धालु भक्ति, उल्लास और उत्साह से सराबोर रहे। प्रभु श्रीराम के राज्याभिषेक के प्रसंग ने उपस्थित लोगों को रामराज्य की आदर्श परंपराओं, मर्यादा और लोककल्याण के संदेश से भावविभोर कर दिया।
रामलीला की परंपरा के अनुसार, जब प्रभु श्रीराम अयोध्या के राजसिंहासन पर विराजमान होते हैं, तब कुलगुरु महर्षि वशिष्ठ उनका राजतिलक कर उन्हें अयोध्या का राजभार सौंपते हैं। इस प्रसंग में ब्रह्मा, भगवान शिव और देवर्षि नारद सहित देवताओं के अयोध्या आगमन तथा प्रभु श्रीराम की स्तुति का भावपूर्ण मंचन किया जाता है। श्रीराम के दर्शन और स्तुति के बाद देवगण अपने-अपने धाम लौट जाते हैं।
हवन-पूजन के साथ हुआ धार्मिक आयोजन का समापन —
राज्याभिषेक समारोह के अगले दिन रविवार, 25 अक्टूबर को सुबह आठ बजे भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया। इसके बाद पूर्वाह्न 11 बजे विधि-विधान के साथ हवन-पूजन संपन्न हुआ। अति प्राचीन श्रीरामलीला कमेटी हरिशंकरी की ओर से उपस्थित श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।
इस अवसर पर कमेटी के अध्यक्ष विनय कुमार सिंह, उपाध्यक्ष डॉ. गोपाल जी पांडेय एवं कृष्ण मुरारी केडिया, मंत्री ओमप्रकाश तिवारी, संयुक्त मंत्री लक्ष्मी नारायण, उपमंत्री लव कुमार त्रिवेदी, मेला प्रबंधक मनोज कुमार तिवारी, मेला उपप्रबंधक मयंक तिवारी, कोषाध्यक्ष बाबू रोहित अग्रवाल, आय-व्यय निरीक्षक अनुज अग्रवाल, राजेश प्रसाद, ओमनारायण सैनी, अशोक कुमार अग्रवाल, प्रमोद कुमार गुप्ता, राजेंद्र विक्रम सिंह, अजय पाठक, सुधीर अग्रवाल, अजय अग्रवाल सहित कमेटी के अन्य सदस्य एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।















