भांवरकोल में पुलिस मुठभेड़: तीन इनामी बदमाश गिरफ्तार, दो के पैर में लगी गोली….।
13 अक्टूबर को फायरिंग कर दो लोगों को घायल करने के मामले में पुलिस की कार्रवाई, तमंचा और पिस्टल समेत कारतूस बरामद....।

गाजीपुर ।
भांवरकोल थाना क्षेत्र में 13 अक्टूबर को फायरिंग कर दो लोगों को घायल करने और दहशत फैलाने के मामले में पुलिस ने रविवार, 25 अक्टूबर को बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन इनामी आरोपितों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी के दौरान हुई मुठभेड़ में दो आरोपितों के पैर में गोली लगी, जबकि तीसरे को गिरफ्तार कर लिया गया। घायल आरोपितों को उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है। तीनों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित था ।
पुलिस के मुताबिक, अपर पुलिस महानिदेशक वाराणसी जोन के निर्देशन और पुलिस उपमहानिरीक्षक वाराणसी परिक्षेत्र के पर्यवेक्षण में अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत भांवरकोल थानाध्यक्ष की टीम ने यह कार्रवाई की। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान सुखडेहरा निवासी आशुतोष राय उर्फ आशु उर्फ बिट्टू, सर्वेश राय उर्फ सिट्टू तथा गोड़ी खास निवासी उपेंद्र राय के रूप में हुई है। आशुतोष राय के बाएं पैर और सर्वेश राय के दाएं पैर में गोली लगी है।
असलहा और कारतूस बरामद….
पुलिस ने आरोपित आशुतोष राय के कब्जे से 315 बोर का एक देशी तमंचा, एक खोखा कारतूस और एक जिंदा कारतूस बरामद करने की जानकारी दी है। वहीं, सर्वेश राय उर्फ सिट्टू के पास से .32 बोर की एक पिस्टल, एक खोखा कारतूस और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ है। पुलिस के अनुसार, पिस्टल का इस्तेमाल संबंधित फायरिंग की घटना में किया गया था।
तीनों आरोपित मुकदमा अपराध संख्या 224/2026 में भारतीय न्याय संहिता की धारा 352 और 109(1) के तहत वांछित थे। मुठभेड़ और बरामदगी के संबंध में भी पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
पहले से दर्ज हैं कई मुकदमे ….
पुलिस द्वारा उपलब्ध कराए गए आपराधिक इतिहास के अनुसार, आशुतोष राय उर्फ आशु के विरुद्ध हत्या, अपहरण, हत्या के प्रयास, मारपीट और एससी-एसटी एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में पूर्व में मुकदमे दर्ज हैं। वहीं, सर्वेश राय उर्फ सिट्टू के विरुद्ध हत्या, अपहरण, हत्या के प्रयास, गैंगस्टर एक्ट और आर्म्स एक्ट समेत कई मुकदमे दर्ज बताए गए हैं। उपेंद्र राय के विरुद्ध भी पूर्व में मारपीट और अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज होने की जानकारी दी गई है।
पुलिस की इस कार्रवाई को 13 अक्टूबर की फायरिंग की घटना के आरोपितों की गिरफ्तारी के रूप में देखा जा रहा है। फिलहाल पुलिस मामले में आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है।
















