छात्रवृत्ति बायोमेट्रिक के नाम पर अवैध वसूली का आरोप, 710 छात्रों ने किया हस्ताक्षर…।
पीजी कॉलेज के छात्र नेताओं ने दो दिवसीय अभियान का किया समापन, छह नवंबर को डीएम के माध्यम से राज्यपाल को सौंपेंगे ज्ञापन...।

गाजीपुर, 5 नवंबर ।
स्नातकोत्तर महाविद्यालय (पीजी कॉलेज) में छात्रवृत्ति के लिए बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के नाम पर अवैध वसूली का आरोप लगाते हुए छात्र नेताओं ने दो दिवसीय हस्ताक्षर अभियान चलाया। गुरुवार को अभियान के दूसरे दिन इसका समापन हुआ। छात्र नेताओं के अनुसार, अभियान के दौरान कुल 710 छात्र-छात्राओं ने हस्ताक्षर कर अपना समर्थन दिया। अब छह नवंबर को जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की जाएगी।
छात्र नेताओं ने प्राचार्य द्वारा मीडिया में दिए गए उन बयानों पर भी सवाल उठाए, जिनमें कथित अवैध वसूली से इनकार किया गया है। उनका आरोप है कि पिछले सत्र में महाविद्यालय परिसर में लिखित नोटिस के माध्यम से बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के नाम पर 40 रुपये वसूले गए थे। इस बार छात्रों को परिसर से बाहर निजी दुकानों पर भेजा जा रहा है, जहां कथित तौर पर 70 से 100 रुपये तक लिए जा रहे हैं।
पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष दीपक उपाध्याय ने कहा कि प्राचार्य का वसूली से इनकार करना गलत है। यदि छात्र गलत आरोप लगा रहे हैं तो कॉलेज प्रशासन उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करे। उन्होंने राज्यपाल और जिलाधिकारी से कमेटी गठित कर निष्पक्ष जांच कराने तथा छात्रों से सीधे बातचीत कर वास्तविक स्थिति का पता लगाने की मांग की।
छात्र नेता प्रद्युम्न सिंह यादव ने आरोप लगाया कि पिछले वर्ष परिसर में लिखित नोटिस के तहत रुपये लिए गए थे, जबकि इस बार निजी दुकानों के माध्यम से वसूली की जा रही है। वहीं, आकाश चौधरी ने कहा कि बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के नाम पर कथित अवैध वसूली का मामला अब और नहीं चलने दिया जाएगा। निलेश बिन्द और विकास यादव ने कहा कि 710 छात्रों के हस्ताक्षर मामले की गंभीरता को दर्शाते हैं।
निशुल्क व्यवस्था और धन वापसी की मांग….
छात्र नेताओं ने मांग की कि महाविद्यालय परिसर में बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण की निशुल्क, सुगम और पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। पिछले सत्र में लिए गए 40 रुपये और वर्तमान सत्र में कथित तौर पर वसूले जा रहे 70 से 100 रुपये की जांच कराई जाए। बिना रसीद लिए गए धन को विद्यार्थियों को वापस कराया जाए तथा दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई हो।
छात्र नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने प्राचार्य के बयानों की भी उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की।
हस्ताक्षर अभियान और विरोध प्रदर्शन में अंकित भारद्वाज, मुकेश चौधरी, अंकित यादव, राजू कुमार, आकाश चौधरी, निलेश बिन्द, विकास यादव, सतीश चौधरी, मोहित यादव, मनोज राजभर, पुष्कर, अमन, आरती, देवेश, श्रेया, पिंकी, काजल, सोनी और चांदनी सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे ।















