13 दिनों का सफर तय कर गाजीपुर पहुंचा गंगा विलास क्रूज…।
स्विट्जरलैंड के 15 पर्यटकों ने देखा गंगा का विहंगम नजारा...।

गाजीपुर ।
गंगा की लहरों पर सवार होकर भारत की सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक धरोहरों को करीब से देखने निकला दुनिया का सबसे लंबा रिवर क्रूज गंगा विलास एक बार फिर गाजीपुर पहुंचा। कोलकाता से 13 दिनों की यात्रा पूरी कर रविवार को क्रूज गंगा किनारे राजगंज के पास ठहरा । इस पर सवार स्विट्जरलैंड के 15 पर्यटक भारत की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और ऐतिहासिक स्थलों को देखने के लिए यात्रा कर रहे हैं। एक रात के ठहराव के बाद सोमवार की सुबह क्रूज वाराणसी के लिए रवाना हो गया है ।
जानकारी के अनुसार, भारत में निर्मित गंगा विलास क्रूज पर सवार विदेशी पर्यटकों ने 12 अक्टूबर को कोलकाता से अपनी यात्रा शुरू की थी। गंगा के रास्ते आगे बढ़ते हुए क्रूज 13 दिनों बाद गाजीपुर पहुंचा। यात्रा के दौरान पर्यटकों को गंगा तट पर बसे विभिन्न शहरों की जीवनशैली, स्थानीय संस्कृति और परंपराओं को करीब से जानने का अवसर मिल रहा है ।
क्रूज के साथ चल रहे गाइड भट्टाचार्य ने बताया कि विदेशी पर्यटक गंगा के रास्ते भारत की सांस्कृतिक विरासत को देखने और समझने के उद्देश्य से यात्रा कर रहे हैं। यह यात्रा उन्हें देश की ऐतिहासिक धरोहरों और विविध सांस्कृतिक परंपराओं से रूबरू करा रही है।
गाजीपुर में रात्रि विश्राम के बाद सोमवार सुबह पर्यटक वाराणसी के लिए रवाना हुए। वहां क्रूज के रामनगर स्थित मल्टीमॉडल टर्मिनल पर ठहरने की संभावना है। इसके बाद पर्यटकों के काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचकर दर्शन करने का कार्यक्रम भी बताया जा रहा है।
गंगा विलास क्रूज की इस यात्रा से गंगा के किनारे बसे शहरों की सांस्कृतिक पहचान और पर्यटन की संभावनाएं एक बार फिर चर्चा में हैं। विदेशी पर्यटकों का गाजीपुर पहुंचना जिले की गंगा तटीय विरासत को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन से जोड़ने की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है ।















