पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर स्लीपर बसों के खिलाफ चला सघन चेकिंग अभियान…।
175 वाहनों का चालान, करीब 3.50 लाख रुपये का शमन शुल्क अधिरोपित; यात्रियों की सुरक्षा के लिए रातभर चली कार्रवाई...।

गाजीपुर ।
दीपावली एवं छठ पूजा के मद्देनजर यात्रियों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए यातायात पुलिस और संभागीय परिवहन विभाग की संयुक्त टीम ने पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के गाजीपुर एग्जिट प्वाइंट पर लंबी दूरी की स्लीपर बसों के खिलाफ सघन चेकिंग अभियान चलाया। 31 अक्टूबर की शाम सात बजे से एक नवंबर की सुबह सात बजे तक चले अभियान में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले 175 वाहनों का चालान कर करीब 3.50 लाख रुपये का शमन शुल्क अधिरोपित किया गया।
यातायात निदेशालय उत्तर प्रदेश एवं परिवहन आयुक्त के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह के नेतृत्व में अभियान संचालित किया गया। इसमें अपर पुलिस अधीक्षक नगर डॉ. राकेश कुमार मिश्र, क्षेत्राधिकारी यातायात, यातायात प्रभारी निरीक्षक बालेंद्र कुमार, एआरटीओ वाराणसी सौम्या कुलश्रेष्ठ और एआरटीओ सत्येंद्र सिंह के पर्यवेक्षण में संयुक्त टीम ने वाहनों की जांच की।
अभियान के दौरान स्लीपर बसों में यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े विभिन्न मानकों की जांच की गई। इसमें चालकों की ब्रेथ एनालाइजर से जांच कर नशे की हालत में वाहन चलाने की स्थिति का पता लगाया गया। बसों में निर्धारित मानकों के विपरीत सीट और स्लीपर बढ़ाने, आपातकालीन निकास अवरुद्ध होने, अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता और बस की निर्धारित ऊंचाई से अधिक होने जैसी खामियों की पड़ताल की गई।
इसके अलावा बसों में निर्धारित क्षमता से अधिक यात्रियों और माल या लगेज के परिवहन की भी जांच की गई। ओवरस्पीडिंग और अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की गई।
अभियान को पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने के लिए टीम को रिफ्लेक्टिव जैकेट, बॉडी वॉर्न कैमरा और ब्रेथ एनालाइजर से लैस किया गया था। इसके तहत बसों में सफर कर रही महिला यात्रियों से संवाद कर उनकी कुशलक्षेम भी पूछी गई।
पुलिस एवं परिवहन विभाग की संयुक्त टीम ने स्पष्ट किया कि त्योहारों के दौरान यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले वाहन संचालकों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी। अधिकारियों ने बस संचालकों और चालकों से निर्धारित मानकों का पालन करने तथा सुरक्षित यातायात सुनिश्चित करने की अपील की।















