‘चेतना-प्रवाह’ में कलाकारों ने गीतों के माध्यम से स्वर साम्राज्ञी को दी श्रद्धांजलि…।
लता मंगेशकर की जयंती की पूर्व संध्या पर हुआ भावपूर्ण स्मरण....।

गाजीपुर ।
साहित्य चेतना समाज के तत्वावधान में ‘चेतना-प्रवाह’ कार्यक्रम के अंतर्गत स्वर साम्राज्ञी लता मंगेशकर की जयंती की पूर्व संध्या पर उन्हें भावपूर्ण ढंग से स्मरण किया गया। कार्यक्रम श्री सुदृष्टि बाबा पीजी कॉलेज, रानीगंज, बलिया के प्राचार्य डॉ. संतोष कुमार सिंह के नगर के बड़ा महादेवा स्थित आवास पर आयोजित हुआ। अध्यक्षता पीजी कॉलेज, गाजीपुर के संस्कृत विभागाध्यक्ष डॉ. समरेन्द्र नारायण मिश्र ने की।
संस्था के संस्थापक अमरनाथ तिवारी ‘अमर’ ने कहा कि लता मंगेशकर ने गीतों को स्वर, स्वरों को भाव और भावों को जीवन देकर भारतीय संस्कृति को समृद्ध किया। आने वाली पीढ़ियां भी उनके गीतों की संवेदना, साधना और संगीत की मधुरता को सदैव महसूस करती रहेंगी।
डॉ. संतोष कुमार सिंह ने कहा कि लता मंगेशकर केवल एक सफल गायिका के रूप में ही नहीं, बल्कि भारतीय संगीत की सांस्कृतिक विरासत को आमजन तक पहुंचाने वाली महान कलाकार के रूप में सदैव स्मरण की जाएंगी। उनके मधुर, भावपूर्ण और स्पष्ट स्वर ने प्रेम, विरह, भक्ति, देशप्रेम और करुणा जैसे अनेक भावों को अत्यंत प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्ति दी।
डीएवी इंटर कॉलेज के हिंदी शिक्षक डॉ. संतोष कुमार तिवारी ने कहा कि लता जी की विशेषता केवल उनकी मधुर आवाज नहीं थी, बल्कि इसके पीछे वर्षों की कठोर साधना, अनुशासन और संगीत के प्रति अद्भुत समर्पण था। उन्होंने सिद्ध किया कि प्रतिभा ईश्वर का उपहार हो सकती है, लेकिन उसे ऊंचाई तक पहुंचाने के लिए निरंतर अभ्यास और साधना आवश्यक है।
अध्यक्षता कर रहे डॉ. समरेन्द्र नारायण मिश्र ने कहा कि डिजिटल तकनीक के दौर में संगीत घर-घर तक पहुंच गया है। ऐसे समय में लता मंगेशकर की संगीत विरासत का महत्व और भी बढ़ जाता है। नई पीढ़ी यदि उनके गीतों को केवल सुनने तक सीमित न रखकर उनके गायन की भावाभिव्यक्ति, उच्चारण, सुर-साधना और अनुशासन से सीख ले तो यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
कार्यक्रम में सेन्ट जॉन्स स्कूल की संगीत शिक्षिका माया नायर, संजय कुमार पाण्डेय, डॉ. संतोष कुमार सिंह, प्रभाकर त्रिपाठी, डॉ. शशांक शेखर पाण्डेय, डॉ. संतोष कुमार तिवारी एवं नागेश कुमार मिश्र ने लता मंगेशकर द्वारा गाए गीत प्रस्तुत कर श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया।
इस अवसर पर संस्था के अध्यक्ष डॉ. रविनन्दन वर्मा, सचिव हीरा राम गुप्ता, संगठन सचिव प्रभाकर त्रिपाठी, डॉ. जयशंकर सिंह, डॉ. शिवेश राय, संगीता तिवारी, डॉ. अवनीश राय, कुसुम सिंह, रागिनी त्रिपाठी, वंदना सिंह, आशुतोष श्रीवास्तव, सिद्धार्थ सिंह, अरुण सिंह, प्रांशु उपाध्याय, डॉ. प्रवीण पायलट सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। संचालन डॉ. संतोष कुमार तिवारी ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन संस्था के संस्थापक अमरनाथ तिवारी ‘अमर’ ने किया।














