
गाजीपुर ।
जितिया पर्व के दिन गंगा स्नान के दौरान एक हृदयविदारक हादसे में एक मां ने अपने पांच वर्षीय मासूम बेटे को हमेशा के लिए खो दिया। वहीं, दूसरे बच्चे की जान तो बच गई, लेकिन परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। हादसे के बाद घाट पर चीख-पुकार मच गई। घटना नगर के ददरी घाट मोहल्ले के पास गंगा के कच्चे घाट पर हुई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मिश्रौलिया निवासी रामसेवक बिंद पुत्र गणपत बिंद शनिवार को अपने दो बेटों रोहन (5 वर्ष) और रोहित (6 वर्ष) को कंधे पर बैठाकर ददरी घाट पर गंगा स्नान कराने पहुंचे थे। घाट पर पहुंचने पर उन्होंने देखा कि बड़ी संख्या में व्रती महिलाएं स्नान और पूजा-अर्चना कर रही हैं। भीड़ से बचने के लिए वह अपने दोनों बच्चों को लेकर पास के कच्चे घाट की ओर चले गए।

बताया जा रहा है कि बच्चों को कंधे से उतारते समय अचानक रामसेवक का संतुलन बिगड़ गया और वह फिसलकर गहरे पानी में गिर पड़े। इस दौरान उनके दोनों बच्चे भी गंगा की तेज धारा में समा गए। घटना होते ही घाट पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल पानी में उतरकर बचाव का प्रयास किया और छह वर्षीय रोहित को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन पांच वर्षीय रोहन गहरे पानी में लापता हो गया।
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और जिला प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई। लापता बच्चे की तलाश के लिए एनडीआरएफ की टीम को लगाया गया। गोताखोरों और बचाव दल की मदद से लगातार खोज अभियान चलाया जा रहा है।
इस संबंध में शहर कोतवाल प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि लापता बालक की तलाश के लिए एनडीआरएफ की टीम और जिला प्रशासन लगातार प्रयास कर रहे हैं।
जितिया पर्व के पावन अवसर पर हुए इस हादसे ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया। जिस दिन परिवार में पर्व की खुशियां होनी थीं, उसी दिन एक मासूम की मौत से परिवार में मातम छा गया है ।














