कम मानदेय और नौकरी की असुरक्षा से परेशान मीटर रीडरों ने उठाई आवाज…।
आउटसोर्स निगम में शामिल करने और न्यूनतम मजदूरी देने की मांग, सुभासपा के राष्ट्रीय सचिव अरविंद राजभर को सौंपा पत्रक...।

गाजीपुर।
वर्षों से आउटसोर्स के माध्यम से विद्युत विभाग में मीटर रीडिंग और बिलिंग का काम कर रहे मीटर रीडरों ने कम मानदेय और नौकरी की असुरक्षा को लेकर आवाज उठाई है। शुक्रवार को कासिमाबाद क्षेत्र में मीटर रीडरों ने सुभासपा के राष्ट्रीय सचिव अरविंद राजभर से मुलाकात कर अपनी समस्याएं बताईं और मांगों से संबंधित पत्रक सौंपा।
मीटर रीडरों का कहना है कि वे लंबे समय से विद्युत उपभोक्ताओं के घर-घर जाकर मीटर रीडिंग लेने, बिल उपलब्ध कराने सहित अन्य संबंधित कार्य कर रहे हैं। इसके बावजूद उनके मानदेय और भविष्य की सुरक्षा को लेकर कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई है। उन्होंने उन्हें आउटसोर्स निगम में शामिल करने की मांग उठाई।
रीडरों के मुताबिक गाजीपुर जिले में करीब 300 मीटर रीडर विद्युत उपभोक्ताओं के घर पहुंचकर रीडिंग और बिलिंग का कार्य करते हैं। यह कार्य मेसर्स टीडीएस कंपनी के माध्यम से कराया जा रहा है। उनका कहना है कि प्रोब, ओसीआर और बिलिंग टारगेट सहित कई जिम्मेदारियां पूरी करनी पड़ती हैं और इसके लिए लगातार फील्ड में काम करना होता है।
दो से तीन हजार रुपये मानदेय मिलने का दावा
मीटर रीडरों ने आरोप लगाया कि काम के मुकाबले उन्हें बेहद कम मानदेय मिल रहा है। उनका दावा है कि कई रीडरों के खाते में करीब दो से तीन हजार रुपये प्रतिमाह ही भुगतान होता है। रीडरों का यह भी आरोप है कि न्यूनतम मजदूरी और उचित भुगतान की मांग करने पर उन्हें काम से हटाने की धमकी दी जाती है।
रीडरों का कहना है कि कम आय में परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो गया है। वर्षों से विभागीय कार्य करने के बावजूद रोजगार की स्थिरता नहीं होने से उनके सामने भविष्य को लेकर भी चिंता बनी हुई है।
निगम में शामिल करने की मांग
मीटर रीडरों ने सरकार से मांग की कि वर्षों से कार्यरत कर्मचारियों को आउटसोर्स निगम में शामिल किया जाए और उन्हें न्यूनतम मजदूरी के अनुरूप मानदेय दिया जाए। उनका कहना है कि इससे उनके रोजगार और परिवार के भविष्य को लेकर सुरक्षा मिल सकेगी।
अरविंद राजभर ने मीटर रीडरों की समस्याओं को सुना और उनकी मांगों पर संबंधित विभागीय मंत्री से वार्ता करने का आश्वासन दिया। उन्होंने मामले को संबंधित स्तर पर उठाकर समाधान की दिशा में प्रयास करने की बात कही।
मीटर रीडरों ने कहा कि अब उन्हें सरकार और विभागीय अधिकारियों से अपनी मांगों के समाधान की उम्मीद है। उनका कहना है कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वे आगे भी अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाएंगे।














